सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। आईटी, बैंकिंग और रिलायंस समूह के शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को नई ऊर्जा दी, जिससे सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,300 के अहम स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा। सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई दमदार ताकत शुक्रवार के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग *920 अंकों (करीब 1.2%) की बढ़त के साथ 78,115 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 78,200 का स्तर भी छुआ, जो हाल के दिनों की गिरावट के बाद बाजार में लौटते विश्वास का संकेत माना जा रहा है। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 भी 248 अंकों (करीब 1.03%) की मजबूती के साथ 24,318 पर बंद हुआ। बाजार की शुरुआत भी सकारात्मक रही थी। सेंसेक्स करीब 257 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में ही मजबूती दिखा दी। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और प्रमुख सूचकांक लगातार ऊंचे स्तरों पर कारोबार करते रहे। आईटी शेयर बने बाजार के सबसे बड़े हीरो आज की तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.6 प्रतिशत की मजबूती के साथ दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स बना। इस तेजी की शुरुआत टेक महिंद्रा के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों से हुई। कंपनी की मजबूत आय और राजस्व वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। इंफोसिस के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। एचसीएल टेक और टीसीएस में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, विप्रो के कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों को निराश किया और उसके शेयर लगभग 2 प्रतिशत तक फिसल गए। बैंकिंग और रिलायंस समूह ने भी दिया मजबूत सहारा आईटी के साथ-साथ निजी बैंकिंग शेयरों ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 1.4 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। फेडरल बैंक के शेयर तिमाही नतीजों के बाद करीब 6 प्रतिशत तक उछले और दिन के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। रिलायंस समूह की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी निवेशकों को खुश किया। कंपनी का तिमाही मुनाफा दोगुने से अधिक बढ़ने की खबर के बाद उसके शेयर करीब 6 प्रतिशत तक चढ़ गए। इसका सकारात्मक असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी देखने को मिला, क्योंकि निवेशकों को कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों से अच्छी उम्मीदें हैं। कुछ शेयरों में रही भारी गिरावट जहां कई कंपनियों के शेयरों में तेजी रही, वहीं कुछ शेयर दबाव में भी नजर आए। सीएट (CEAT) के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते उसके शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गए। वहीं वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट के शेयरों में भी करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना 52 सप्ताह का नया उच्चतम स्तर छू लिया और लगभग 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। लार्जकैप चमके, मिडकैप-स्मॉलकैप रहे फीके आज की तेजी मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों तक सीमित रही। जहां लार्जकैप शेयरों में निवेशकों ने खुलकर खरीदारी की, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-100 करीब 0.73 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 लगभग 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का फोकस फिलहाल मजबूत और बड़ी कंपनियों पर बना हुआ है। वैश्विक तनाव के बीच भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती भारतीय बाजार की यह तेजी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि वैश्विक स्तर पर माहौल पूरी तरह सकारात्मक नहीं था। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका द्वारा लगातार हवाई हमले किए जाने और ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ाई हुई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड का जुलाई वायदा लगभग 1.1 प्रतिशत बढ़कर 85.34 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। कीमती धातुओं में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में लगभग **0.3 प्रतिशत** की बढ़त देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक दबाव को पीछे छोड़ते हुए मजबूती दिखाई। आईपीओ बाजार भी रहा सुर्खियों में प्राइमरी मार्केट में भी गतिविधियां तेज रहीं। कैलिबर माइनिंग का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए करीब 450 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। वहीं, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का सब्सक्रिप्शन पहले ही बंद हो चुका है और अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन प्रक्रिया पर बनी हुई है। आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 24,300 से 24,600 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 24,600 का लक्ष्य जल्द देखने को मिल सकता है। वहीं नीचे की ओर 23,700–23,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। अगले सप्ताह एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सहित कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। साथ ही पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और वैश्विक बाजारों का रुख भी निवेशकों की रणनीति तय करेगा। (नोट: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।)